स्थापना (Establishment)
सरस्वती विद्या मंदिर की स्थापना चौक, फतेहपुर में सन् 1979 में भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत हुई।
Brief History & Growth Journey
सरस्वती विद्या मंदिर की स्थापना चौक, फतेहपुर में सन् 1979 में भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत हुई।
विद्यालय के विकास हेतु VIP Road, G.T. Road, डॉक बंगले के समीप नवीन विशाल भूखंड क्रय किया गया। भूमि पूजन श्री प्रताप नारायण मिश्र (प्रांत प्रचारक – RSS) द्वारा संपन्न हुआ।
विद्यालय को माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UP Board) द्वारा हाईस्कूल की स्थाई मान्यता प्राप्त हुई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा इण्टरमीडिएट (विज्ञान वर्ग) की मान्यता प्राप्त हुई।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) द्वारा 'A श्रेणी' एवं राज्य स्तर पर 'प्रदेश गौरव' सम्मान से अलंकृत प्रतिष्ठित विद्यालय।
Affiliation & Vidya Bharati Sansthan
भारतीय संस्कारों से युक्त शिक्षा पद्धति के अनुरूप संपूर्ण देश में कार्यरत विद्या भारती एक अखिल भारतीय शिक्षा संस्था है। इसके मार्गदर्शन में भारतीय शिक्षा समिति, उत्तर प्रदेश कार्यरत है, जिसने शिक्षा जगत में सेवा करते हुए 40 से अधिक वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह विद्यालय विद्या भारती से संबद्ध एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद (उत्तर प्रदेश) से मान्यता प्राप्त है।
Our Campus Infrastructure & Amenities
विशाल, हवादार एवं आधुनिक शिक्षण उपकरणों से युक्त कक्षाएं।
भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान, कंप्यूटर व गणित की आधुनिक लैब।
खेलकूद, योग, एन.सी.सी. व दैनिक प्रार्थना सभा हेतु विशाल मैदान।
अनुशासित वातावरण में दूर-दराज के छात्रों हेतु सर्वसुविधायुक्त छात्रावास।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा A श्रेणी मान्यता प्राप्त।
उत्कृष्ट बोर्ड परीक्षा परिणामों एवं सर्वांगीण विकास हेतु सम्मानित।
Student Development & Leadership Governance
आज के वैज्ञानिक एवं प्रजातांत्रिक युग में छात्रों को राजनैतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी होना आवश्यक है। इसके लिए विद्यालय में छात्र संसद एवं कन्या भारती के माध्यम से छात्रों को नागरिकता बोध, देश के प्रजातांत्रिक ढांचे का ज्ञान और नेतृत्व शक्ति के विकास की सुदृढ़ व्यवस्था है।
प्रजातांत्रिक ढांचे व प्रजातांत्रिक नागरिकता का व्यावहारिक ज्ञान।
छात्राओं में नेतृत्व, स्वावलंबन व सांस्कृतिक चेतना का विकास।
वाद-विवाद, भाषण, प्रश्न मंच व व्यक्तित्व निर्माण कार्यक्रम।
धार्मिक स्थलों व राष्ट्रीय निर्माण केंद्रों का प्रत्यक्ष अध्ययन।
National Pride & Cultural Values
बालकों के हृदय में राष्ट्रीय गौरव और स्वाभिमान का भाव जगाने के लिए विद्यालय द्वारा ऐतिहासिक स्थानों, धार्मिक स्थलों, श्रद्धा केंद्रों एवं नव निर्माण स्थलों की प्रत्यक्ष शैक्षणिक यात्राओं का आयोजन किया जाता है।